दरिंदगी की शिकार हुई मासूम की हालत में आई सुधार, अब पिता को सता रही है ये बात

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दुष्कर्म पीड़िता मासूम को विधायक के हस्तक्षेप के बाद भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन अब आरोप लगा है कि इलाज के नाम पर पिता को परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने पीड़िता के पिता से तकरीबन तीन हजार रुपये की दवाएं बाहर से खरीदवा दी है।

बाहर से दवाएं खरीदवाने की जानकारी जब खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य से शिकायत की। अब प्राचार्य का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। पता किया जाएगा कि आखिर बाहर से दवा क्यों मंगाई गई।

विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि एक तो पीड़ित परिवार घटना से वैसे ही परेशान है, उस पर कॉलेज प्रशासन की ओर से बाहर की दवा मंगाई जा रही है। यह गलत है। मेडिकल कॉलेज में इलाज और दवा निशुल्क है। इसके बाद भी लापरवाही की जा रही है।

विधायक ने बताया कि इससे पहले भर्ती करने में कॉलेज प्रशासन आनाकानी कर रहा था। किसी तरह भर्ती किया तो अब पीड़िता के परिजनों को परेशान करने के लिए बाहर से दवाएं मंगाई जा रही हैं। उन्होंने प्राचार्य से मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस पर प्राचार्य ने जांच का आश्वासन दिया है।
मासूम की हालत ठीक, परिजनों से कर रही बातचीत
मासूम की हालत में सुधार है। ऑपरेशन के बाद उसे गायनी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अब वह होश में है। परिजनों से बातचीत भी कर रही है। मासूम की सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। एक महिला और एक पुरुष पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।
 
यह था मामला
कुशीनगर जिले की सात वर्षीय मासूम के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया। गंभीर हालत में पीड़िता को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां मेडिकोलीगल केस में पुलिस की मौजूदगी जरूरी बताते हुए उसे छह घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। बाद में भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी के हस्तक्षेप के बाद उसे भर्ती किया गया।
बाल आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार तक पहुंचा मामला
मासूम के साथ दुष्कर्म और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज में बदइंतजामी का मामला उत्तर प्रदेश बाल आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि ने उत्तर प्रदेश बाल आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को ई-मेल से शिकायत की है।
 
बीआरडी में गायनी की टीम है पर्याप्त
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉक्टरों की टीम पर्याप्त है। यहां पर 13 चिकित्सकों की तैनाती हैं। ऐसे में मरीजों के इलाज में कोई परेशानी नहीं है। जबकि महिला जिला अस्पताल में 12 महिला डॉक्टरों की तैनाती है। इनमें सात संविदा पर तैनात हैं। ऐसे में इलाज करने में कोई परेशानी नहीं है।

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