दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बनाई, ब्लैकमेल कर मतांतरण कराया, मुकदमा दर्ज दस आरोपितों की तलाश में पुलिस

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सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। अश्लील वीडियो बनाकर आरोपित ने ब्लैकमेल कर 50 हजार रुपये मांगे और फिर मुजफ्फरनगर जिले में ले जाकर जबरन मतांतरण करा दिया।  हिंदू जागरण मंच के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एक महिला समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया, जो फरार हैैं।

यह है मामला 

पीडि़ता ने बताया कि फरवरी माह में वह अपने गांव के ही एक जनसेवा केंद्र पर पैन कार्ड बनवाने गई थी। यहां उसे गांव निवासी आरोपित मोहम्मद अहमद मिला। उसने पैन कार्ड के लिए कई दिन तक चक्कर कटवाए। इसके बाद उसने कहा था कि उसके जनसेवा केंद्र पर पैन कार्ड नहीं बन पा रहा है। उसे उसके साथ सहारनपुर जाना होगा। युवती आरोपित के साथ सहारनपुर चली गई। आरोपित उसे एक होटल में ले गया और वहां बेहोश करके उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसकी वीडियो भी बनाई। इसके बाद वह लगातार ब्लैकमेल करता रहा। युवती ने अपने पिता को बताया तो उन्होंने 16 फरवरी को उसकी शादी कर दी। आरोप है कि शादी के बाद भी आरोपित ने पीछा नहीं छोड़ा और धमकी दी कि यदि उसे 50 हजार रुपये नहीं देगी तो वह वीडियो वायरल कर देगा। डर के मारे वह घर से 50 हजार रुपये चोरी कर आरोपित मोहम्मद अहमद के पास ले गई, जहां से पहले से उसके रिश्तेदार शबाना, रफीक, असरफ, युनुस, युसुफ, सहवान, मोतीलाल, अहमद का जीजा और दोस्त मिले। आरोप है कि इन लोगों ने उसे बंधक बना लिया और मुजफ्फरनगर जिले के एक धार्मिक स्थल पर ले जाकर उसका मतांतरण करा दिया। इसके बाद आरोपित उसे गांव में ले आए और गांव के एक बाग में बंधक बनाकर रखा। किसी तरह युवती के पिता ने उसे बचाया। सोमवार को थाने पहुंची पीडि़ता ने उपरोक्त सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। देहात कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उधर,  हिंदू  जागरण मंच के प्रांत संपर्क प्रमुख पश्चिम उत्तर प्रदेश ठाकुर सूर्यकांत सिंंह ने बताया कि लड़की के पिता ने उनसे शिकायत की थी। उन्होंने एसएसपी से बात कर मुकदमा दर्ज कराया है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

-धारा 3 व 5 ए (उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिर्वतन प्रतिषेध अध्यादेश 2020)

-धारा 366 (अपहरण करना)

-धारा 386 (रंगदारी मांगना)

– धारा 3 (2) (नृशंषा निवारण अधिनियम, यानि किसी को बंधक बनाकर यातनाएं देना) 

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