रहस्य बनी हुई है सिपाही की मौत,चार माह बाद भी खुलासा नही,जांच निष्कर्ष तक पहुंचने मे नाकाम

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कोतवाली के मृतक सिपाही की संदिग्ध हालत मे मौत रहस्य बन गई है। इस रहस्य का खुलासा कब होगा।पुलिस विभाग से जुड़ा इस मृतक सिपाही की जांच का निष्कर्ष अभी तक नही निकला है,और ये जांच फेल होती दिखाई दे रही है।25 सितम्बर 2020 को सिपाही आशुतोष यादव का बैरक जाने वाली सीढ़ी पर खून से सना हुआ शव मिला था। कोतवाली लालगंज में तैनात सिपाही आशुतोष यादव को शाम करीब पांच बजे जरूरत पड़ी तो खोजबीन होने लगी और जब कोतवाली मे सिपाही नहीं मिला तो बैरक मे जाकर देखा गया।वहां पर भी नही मिलने पर कोई सिपाही बैरक की तीसरी मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों पर गया और देखा तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई।सिपाही का शव सीढ़ियों पर पड़ा था। बैरक में हुई इस घटना की जानकारी होते ही कोतवाल व पुलिस स्टाफ वहां फौरन पहुंचे।घटना की जानकारी मिलते ही उस समय मौजूदा पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, सी.ओ.लालगंज व अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश चन्द्र द्विवेदी भी पहुँचे थे। घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम भी
पहुंची थी।मृतक सिपाही गाजीपुर जिले के ग्राम खरौना थाना खानपुर का रहने वाला था।16 फरवरी 2019 को मृतक सिपाही लालगंज कोतवाली मे तैनात हुआ था। चार माह बीतने के बाद भी अभी तक इस मामले के जांच मे क्या निकला कहाँ तक जांच पहुंची कोई कुछ बताने को तैयार नहीं सब मौन धारण किए है। मृतक सिपाही की संदिग्ध मौत का राज क्या है जो पुलिस विभाग नहीं बता पा रहा है।आखिर क्यों मृतक सिपाही की संदिग्ध मौत का रहस्य खोलने के बजाय लीपापोती क्यों हो रही है। कब होगा मृतक सिपाही के रहस्यमयी मौत का खुलासा।ये बड़ा सवाल मृतक सिपाही के परिजन से लेकर सभी के मन में हैं।बड़ा सवाल मृतक सिपाही की कोतवाल के साथ हमराही की ड्यूटी लगी थी इसके बाद भी कोतवाल बिना मृतक सिपाही को लिए क्षेत्र भ्रमण पर चले गये थे।
पुलिस विभाग अपने ही विभाग के मृतक सिपाही की मौत के रहस्य को शायद रस्सी का सांप बना दिया है।

सूत्रों से खबर कि उस समय मौजूदा कोतवाल एसके भारती और मृतक सिपाही में पांच छह बार काफी तेज कहा सुनी हुई थी।मानसिक तौर पर बहुत प्रताड़ित करते थे।

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