अगर कम निवेश में बड़ा मुनाफा चाहते हो, तो यह स्कीम है आपके लिए

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नई दिल्ली, स्मॉल सेविंग स्कीम्स में पैसा लगाने वाले निवेशकों को सरकार ने इस बार भी राहत प्रदान की है। सरकार ने 30 सितंबर, 2021 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स (small savings scheme) पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। इस तरह ब्याज दरें इस तिमाही में भी नहीं बढ़ने पर निवेशकों को काफी राहत मिली है। यह लगातार पांचवीं तिमाही है, जिसमें सरकार ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

इमरजेंसी फंड जमा करना हो या अपने बड़े खर्चों के लिए बचत करनी हो, स्मॉल सेविंग स्कीम्स इस लिहाज से एक सुरक्षित और बेहतर निवेश विकल्प प्रदान करती हैं। भारत सरकार द्वारा समर्थित स्मॉल सेविंग स्कीम्स सॉवरेन गारंटी के साथ आती हैं। इस कारण यहां निवेश करने पर जोखिम न्यूनतम होता है। इन योजनाओं में सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना प्रमुख है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)

यह योजना गारंटीड रिटायरमेंट इनकम प्रदान करती है। इस योजना में निवेश के लिए आपको 60 साल की आयु के साथ एक भारतीय नागरिक होना चाहिए। जो लोग स्वैच्छिक या विशेष स्वैच्छिक योजना के तहत सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके लिए आयु की आवश्यकता 55 वर्ष है। वहीं, जो लोग रक्षा सेवाओं (नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा) से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके लिए कुछ शर्तों के साथ निवेश के लिए आयु 50 वर्ष रखी गई है।

इस योजना में न्यूनतम निवेश 1000 रुपये और अधिकतम निवेश 15 लाख रुपये किये जा सकते हैं। इस योजना की अवधि 5 साल की है। इसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। इस योजना में खाता एकल या ज्वाइंट (पति/पत्नी के साथ) खोला जा सकता है। इस समय इस योजना में ब्याज दर 7.4 फीसद सालाना है।

पीपीएफ (PPF)

भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड में न्यूनतम 500 रुपये से खाता खुलवाया जा सकता है। वहीं, अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश किये जा सकते हैं। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार जितेंद्र सोलंकी के अनुसार, पीपीएफ 15 साल की मैच्योरिटी अवधि के साथ आता है। इसे 5 साल के लिए और आगे बढ़ाया जा सकता है। पीपीएफ पर ब्याज दर सरकार द्वारा हर तीन महीने में तय किया जाता है। मौजूदा तिमाही के लिए पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 फीसद सालाना है।

पीपीएफ पर इस समय 7.10 फीसद चक्रवृद्धि वार्षिक ब्याज दर की पेशकश की जा रही है। इस योजना में हर साल 31 मार्च को ब्याज का भुगतान होता है। निवेशक पीपीएफ की राशि पर लोन भी ले सकता है। खास बात यह है कि इसमें निवेशकों को कर लाभ भी मिलता है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

यह योजना बेटियों के लिए है। इस योजना में अभिभावक अपनी 10 साल से छोटी बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक में जाकर यह खाता खुलवाया जा सका है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के लिए यह खाता खुलवाया जा सकता है। भारतीय डाक की वेबसाइट के अनुसार, न्यूनतम 250 रुपये की राशि से यह खाता खुलवाया जा सकता है।

एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये निवेश किये जा सकते हैं। टैक्स एंड इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन के मुताबिक, इस योजना में ब्याज दर हर तिमाही के लिए सरकार द्वारा तय की जाती है। इस अकाउंट में राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करायी जा सकती है। खाता खुलने के अधिकतम 15 साल पूरे होने तक खाते में राशि जमा करायी जा सकती है। वर्तमान में यह योजना 7.6 फीसद चक्रवृद्धि सालाना ब्याज दर की पेशकश कर रही है। हर वित्त वर्ष के आखिर में अकाउंट में ब्याज जमा होगा। इस योजना में मिला ब्याज टैक्स फ्री होता है।

किसान विकास पत्र (KVP)

केवीपी इस समय 6.9 फीसद चक्रवृद्धि सालाना ब्याज दर की पेशकश कर रही है। किसान विकास पत्र में निवेश की गई राशि 124 महीने (10 साल 4 महीने) में दोगुनी हो जाती है। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार जितेंद्र सोलंकी ने बताया कि किसान विकास पत्र में न्यूनतम 1000 रुपये निवेश किये जा सकते हैं। साथ ही अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है।

इस योजना में 100 के गुणकों में राशि जमा कराई जा सकती है। इस योजना में एकल वयस्क, संयुक्त खाता (3 वयस्क तक), नाबालिग की ओर से एक अभिभावक और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति की ओर से एक अभिभावक खाता खुलवाया सकता है। इस योजना में कितने भी खाते खुलवाए जा सकते हैं।

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