उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने के लिए किशमिश का सेवन रोजाना कुछ इस तरह करें

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नई दिल्ली। किशमिश में प्राकृतिक मिठास होती है। इसके सेवन से लगातार यानी बार-बार खाने की आदत से छुटकारा मिलता है। अंगूर को सुखाकर किशमिश तैयार किया जाता है। इसे कई जगहों पर लोग मुनक्का कहते हैं। चूंकि किशमिश में फाइबर पाया जाता है। इसके लिए विशेषज्ञ मोटापे से परेशान लोगों को किशमिश खाने की सलाह देते हैं। इसके सेवन से बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें कैलोरी की बहुत मात्रा पाई जाती है। इसके लिए रात में सोने से पहले किशमिश को पानी में भिगो दें और अगली सुबह इनका सेवन करें। इसके अलावा, किशमिश भिगोकर खाने के भी कई अन्य फायदे हैं। आइए जानते हैं-

पीलिया में आराम

इसके लिए दो-तीन आंवले को कुछ किशमिश के साथ भिगोकर रख दें। एक घंटे के बाद इसे ग्राइंड कर आंवले जूस के साथ सेवन करें। पीलिया रोग में बहुत जल्द आराम मिल सकता है।

एनीमिया में फायदेमंद

किशमिश में ढ़ेर सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें आयरन, बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन पाए जाते हैं, जो एनीमिया में फायदेमंद होते हैं। साथ ही किशमिश में कॉपर पाया जाता है, जो रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाता है।

पाचन तंत्र मजबूत करता है

इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। भिगोकर किशमिश खाने से कब्ज समेत पेट संबंधी परेशानियों का निदान होता है। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है।

रक्तचाप नियंत्रित रहता है

किशमिश में पोटैशियम पाया जाता है, जो शरीर में सोडियम यानी नमक को संतुलित करता है। इससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है। किशमिश में एंटीऑक्सीडेंट डायटरी फाइबर होता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करता है। रक्त चाप को कंट्रोल करने के लिए रोजाना किशमिश का सेवन जरूर करें।

हड्डियां मजबूत होती हैं

किशमिश में बोरोन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को बनाने में सहायक होता है। इसमें कैल्शियम और सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। रोजाना भिगोकर किशमिश खाने से हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती हैं।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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