उत्तराखंड में मानसून का कहर हुआ कम

0
64

उत्तराखंड में मानसून के दस्तक देने के बाद बारिश का सिलसिला धीमा पड़ गया है। हालांकि, कुमाऊं के कुछ इलाकों में बारिश जारी है, लेकिन गढ़वाल के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा। जबकि, बीते दिनों हुई जोरदार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में दुश्वारियां अब भी बरकरार हैं। बदरीनाथ मार्ग और कैलास मानसरोवर मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिन प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

मंगलवार को गढ़वाल में अधिकतर इलाकों में चटख धूप खिली। इससे मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी महसूस की गई। जबकि, पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं बादल भी छाए रहे, लेकिन गर्मी से निजात नहीं मिली। सोमवार को हुई बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला, लामबगड़ सहित कई स्थानों पर मलबा आ गया। पागलनाला में घंटों सड़क पर आवाजाही ठप रही।

हालांकि, दोपहर बाद मलबा साफ करने का कार्य शुरू किया गया। जिले में 10 से अधिक ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी जगह-जगह मलबा आने व पुश्ते टूटने से आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ब्यासी के पास बोल्डर व मलबा आने के कारण बंद पड़ा हाईवे 30 घंटे बाद आवागमन के लिए सुचारू हो पाया। राजमार्ग पर आवागमन बंद होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे बाधित होने के कारण ऋषिकेश-गजा-खाड़ी होते हुए देवप्रयाग के लिए रूट डायवर्ट करना पड़ा।

उधर, पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर मार्ग दो स्थानों पर अवरुद्ध है। साथ ही काली नदी का जल स्तर बढऩे से निकटवर्ती इलाकों को खाली करवा दिया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बौछार भी पड़ सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here