एक गिरोह के बदमाश दिल्ली में नए साल पर इकट्ठेे हुए थेे, मुंबई, दिल्ली, उन्नाव, आजमगढ़ के लोग भी थे शामिल

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अलीगढ़। पेेटीएम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य दिल्ली में नए साल की रात एकत्रित हुए थे।  इनमें मुंबई, दिल्ली, उन्नाव, आजमगढ़ के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने ठगी के बारे में विस्तार से बातचीत की। यहां से सभी अलग-अलग हो गए। पुलिस सभी को ट्रेस करने में लगी है।

यह है मामला

साइबर थाना पुलिस की जांच में 50 से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए हैं, जो किसी न किसी तरह से गिरोह का हिस्सा थे। गिरोह के आठ बड़े सदस्य हैं, जो दिल्ली में नए साल की रात इक_ा हुए थे। इनमें मुंबई, दिल्ली, उन्नाव, आजमगढ़ के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने ठगी के बारे में विस्तार से बातचीत की। यहां से सभी अलग-अलग हो गए। पुलिस सभी को ट्रेस करने में लगी है। साइबर ठगी के इस अंतरराज्यीय गिरोह का हर सदस्य अपने आप में सरगना बना हुआ है। कोई सिम बेचता है तो कोई फर्जी अकाउंट बनाता है। आनलाइन प्लेटफार्म पर ही सभी एक-दूसरे से जुड़ गए थे। 

गरिोह में ये हैं शाम‍िल 

इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, ये लोग आनलाइन ही बातें करते थे। मिलना-जुलना महीनों में होता था। पिछली बार गिरोह के आठ सदस्य दिल्ली में मिले थे। नए साल की पूर्व रात पर दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में पार्टी आयोजित की गई थी। लेकिन, दिल्ली में कोरोना का प्रभाव होने के चलते होटल में आयोजन नहीं हो सका। ऐसे में सभी लोग दिल्ली निवासी आरएन खान के फ्लैट में एकत्रित हुए। इनमें अफरोज, आफाक, आरएन खान के अलावा मुंबई निवासी नईमुद्दीन, आजमगढ़ निवासी आरिफ, उन्नाव निवासी शादाब व दो अन्य लोग भी शामिल थे। 29 दिसंबर को सभी ने अपने-अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए थे, जो दो जनवरी 2021 को आन किए गए, ताकि मोबाइल ट्रेस न हो सकें। यहीं फ्लैट पर सभी ने आगे की योजना बनाई कि किसको क्या काम करना है।

28 दिसंबर को आए थे अलीगढ़

गोरखपुर के अफरोज ने पूछताछ में बताया था कि अलीगढ़ का अभय शर्मा उसे बिजली के बिल जमा करने के लिए देता था। इसका कमीशन मिलता था। अफरोज 28 दिसंबर 2020 को अपने मुंबई निवासी साथी नईमुद्दीन के साथ आया था। दिल्ली निवासी आरएन खान अभय का दोस्त है। अफरोज व नईमुद्दीन अलीगढ़ से अमरोहा चले गए थे, जहां से आफाक को साथ लेकर दिल्ली पहुंचे थे।

एक और सदस्य दबोचा है 

पेेटीएम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का शातिर आफाक साइबर पुलिस ने अमरोहा में दबोच लिया। इससे विभिन्न कंपनियों के चार सौ सिम कार्ड जब्त किए गए हैैं। ये सभी फर्जी दस्तावेज से लिए गए। सात सौ सिम कार्ड उसने गिरोह के सरगना अफरोज को उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग ठगी में किया गया। अफरोज पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। गिरोह के कई सदस्य पुलिस की रडार पर हैं।इस गिरोह ने 14 फरवरी 2020 को गांधीपार्क क्षेत्र के मामूभांजा निवासी डा. पल्लवी के खाते से 1.34 लाख रुपये पार किए थे। एएसपी विकास कुमार ने बताया कि इस मामले में छह फरवरी को गोरखपुर से महराजगंज निवासी अफरोज अब्बासी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ में पता लगा कि इसका गिरोह पेटीएम पर फर्जी अकाउंट बनाकर पैसा ट्रांसफर, रिचार्ज, बिल आदि भरने की आड़ में ठगी करता है। उसी ने अमरोहा के मोहल्ला कुरैशी निवासी मोहम्मद आफाक का नाम बताया था। सीडीआर व बैंकों के लेनदेन में पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अमरोहा से शातिर को गिरफ्तार कर लिया।

कैशबैक से की शुरुआत

आफाक पहले मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। वर्ष 2017 में एक लिंक के माध्यम से इंटरनेट मीडिया के ऐसे ग्रुप से जुड़ गया, जिसमें ठगी के तरीके बताए जाते थे। ग्रुप में अफरोज भी जुड़ा था। यहीं से दोनों में संपर्क शुरू हो गया था।

61 ग्रुपों से जुड़ा है शातिर

इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आफाक इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग 61 ग्रुप से जुड़ा है। इन ग्रुपों के माध्यम से ठगी करने के तरीके, फर्जी सिम, आनलाइन अकाउंट, ओटीपी, केवाइसी तक बेचने और खरीदने का काम होता है।

फोटोशाप से बनाता था फर्जी आइडी

सिम कार्ड लेने के लिए आफाक फर्जी आधार कार्ड बनाता था। इसके लिए फोटोशाप का इस्तेमाल करके किसी की भी फोटो को संपादित करता था और उसे आधार कार्ड के फार्मेट में सेट कर देता था। वह पचास रुपये प्रति सिम के हिसाब से बेचता था।

10 बैंक अकाउंट भी ट्रेस

पूछताछ में आफाक ने 10 बैंक अकाउंट के बारे में जानकारी दी है, जिनमें ठगी के पैसे का लेनदेन होता था। इनमें चार अकाउंट आफाक के नाम से हैं। अन्य अकाउंट भाई, प्रेमिका, मौसी, मौसी के बेटे व अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खोल रखे हैं

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