एक शो से मिली थी शोहरत, आज हैं गुमनाम

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फिल्म जगत एक ऐसी जगह है जहां हजारों लोग संघर्ष करने आते हैं, कुछ यहां सफल हो जाते हैं और कई टेलीविजन और बॉलीवुड दुनिया को अलविदा कह देते हैं। यहां कुछ ऐसे सितारे भी हैं जिन्हें उनके एक ही धारावाहिक से खूब शोहरत मिल जाती है और वो बड़े सितारे बन जाते हैं। लेकिन उसके बाद वो गुमनामी के अंधेरों में खो जाते हैं। आज हम आपको टेलीविजन की दुनिया की 10 ऐसी अभिनेत्रियों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें टेलीविजन में एक शो ने रातों-रात जगमगाता सितारा बना दिया लेकिन आज वो छोटे परदे से गायब हैं।

वर्ष 2005 में जीटीवी पर प्रसारित होने वाले सीरियल ‘सात फेरे’ में सलोनी का किरदार निभाने वाली राजश्री ठाकुर तो आपको निश्चित रूप से याद होंगी। इस सीरियल ने राजश्री को टेलीविजन का एक जगमाता सितारा बना दिया था। शो में अपने सांवले रंग को लेकर उन्हें समाज की उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। लेकिन असल जिंदगी में सीधी-साधी बहु के रूप में दर्शकों के दिलों में इस कलाकार ने अपनी खास जगह बनाई थी। इस किरदार को राजश्री ने पूरी तरह जिया था। लेकिन शो का सफर खत्म होने के बाद राजश्री का करियर भी टेलीविजन में फीका पड़ गया। सात फेरे खत्म होने के बाद उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में काम किया। कुछ समय के बाद उन्होंने सीरियल ‘महाराण प्रताप’ से अपनी वापसी की और सपोर्टिंग भूमिका निभाई, लेकिन मुख्य कलाकार के रूप में टेलीविजन में वो अपनी जगह बनाने में नाकामयाब हुईं।

सोनी सब का शो ‘कुसुम’ बेहद पॉपुलर सीरियल था। एकता कपूर के बैनर ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ में बना यह शो चार साल तक चला था। इसमें नौशीन अली सरदार ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जिसके बाद वह हर घर में जाना-माना नाम बन गईं थी। कुसुम के रूप में नौशीन को काफी पसंद किया गया था। दर्शक उन्हें इस शो में इतना ज्यादा पसंद करते थे कि वह उनका असली नाम भूल उन्हें कुसुम के नाम से ही बुलाया करते थे। लेकिन इस शो के बाद कुसुम छोटे परदे से गायब हो गईं। शो के बाद उन्होंने टेलीविजन पर मुख्य कलाकार के तौर पर वापसी करनी चाही लेकिन नाकामयाब रहीं। नौशीन ने कुसुम के बाद कई रियलिटी शो और एपिसोडिक शो किए, यहां तक कि बॉलीवुड में भी उन्होंने अपना हाथ आजमाया लेकिन कुसुम के बाद उन्हें वो सफलता हासिल नहीं हुई जो वो चाहती थी। अंतिम बार उन्होंने साल 2018 में सीरियल अलादीन: नाम तो सुना होगा में एक कैमियो किया था।

एकता कपूर के शो ‘कहानी घर-घर की’ में पल्ल्वी अग्रवाल की भूमिका निभाने वाली श्वेता क्वात्रा तो आपको याद होंगी ही। इस अभिनेत्री एकता कपूर के इस सीरियल में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। श्वेता, पार्वती अग्रवाल की भूमिका निभाने वाली साक्षी तंवर की देवरानी पल्लवी अग्रवाल के किरदार में नजर आईं थी। इस शो के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में एक अलग ही जगह बनाई। ‘कहानी घर-घर की’ के बाद श्वेता क्वात्रा सीआईडी, कृष्णा अर्जुन और कुसुम जैसे सीरियल का हिस्सा बनीं। लेकिन पिछले काफी समय से श्वेता छोटे परदे पर नजर नहीं आई हैं। श्वेता ने टीवी अभिनेता मानव गोहिल से शादी की। दोनों की एक बेटी भी है।

1999 में सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाला शो ‘कन्यादान’ 90 के दर्शक का बेहद पॉपुलर सीरियल था। इससे टेलीविजन के कई कलाकारों को बेशुमार शोहरत मिली। इस शो में किरण खेर और जयती भाटिया के अलावा अभिनेत्री पूनम नरूला मुख्य भूमिका में नजर आई थी। इस शो के अलावा उन्होंने एकता कपूर के सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ में अनुराग बासु की बहन निवेदिता बासु की भूमिका निभाई थी। ये अभिनेत्री टेलीविजन के जाने-माने चेहरों में से एक थी। पूनम ने कई सहायक किरदार भी निभाए लेकिन साल 2010 के बाद पूनम को छोटे परदे पर नहीं देखा गया।

टेलीविजन के इस मासूम चेहरे को भला कौन भूल सकता हैं। 2004 में फिल्मों को छोड़ टेलीविजन का रुख करने वाली कांची टेलीविजन के लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं। उन्होंने साल 2005 में ‘एक लड़की अनजानी सी’ से टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा। इस अभिनेत्री ने भाभी, मायका और एक ननद की खुशियों की चाभी-मेरी भाभी जैसे शो में अपने किरदार से दर्शकों का दिल जीता। लेकिन साल 2014 में इस अभिनेत्री ने टेलीविजन की दुनिया को अलविदा कह दिया। कांची टेलीविजन के जाने-माने अभिनेता शब्बीर अहलूवालिया की पत्नी हैं। इन दोनों के दो बेटे हैं। कांची टेलीविजन की दुनिया से दूर हैं लेकिन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं।

बड़े अच्छे लगते हैं में साक्षी तंवर, राम कपूर और सुमोना चक्रवर्ती के अलावा एक और चेहरा था जिसने सबके दिलों को जीता था और वो चेहरा था चाहत खन्ना का। इस शो में चाहत खन्ना ने बबली आयशा शर्मा की भूमिका निभाई थी। सीरियल में वह साक्षी की छोटी बहन थी। शो में वह दूसरी मुख्य कलाकार थी, लेकिन दर्शकों ने उनके प्रदर्शन को बहुत पसंद किया। इस शो के अलावा चाहत ने कुमकुम-एक प्यारा सा बंधन, क़ुबूल है जैसे सीरियल में मह्त्वपूर्ण भूमिका में दिखी। लेकिन साल 2014 के बाद से ही चाहत टेलीविजन से दूर हैं, हालांकि अपनी निजी जिंदगी को लेकर वह कई बार चर्चा में आई हैं।

सीरियल बालिका वधु की सुगना बींदड़ी तो आपको निश्चित तौर पर याद होगी। इस किरदार को विभा आनंद ने निभाया था। इस अभिनेत्री ने साल 2008 में अपने करियर की शुरुआत बालिका वधु से की थी। इस शो ने उन्हें सुगना के रूप में घर-घर में लोकप्रियता दिलाई। इस शो के बाद विभा श्री, सुख बाय चांस और संस्कार लक्ष्मी जैसे कई सीरियल्स में काम किया। उन्हें उनके किरदारों के लिए काफी सरहाना मिली। साल 2019 में अंतिम बार विभा को एपिसोडिक शो लाल इश्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा गया था।

मिस इंडिया इंटरनेशनल की विजेता रह चुकी शिखा स्वरूप 90 के दशक की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने 90 के दशक में आए सीरियल चंद्रकांता में ‘राजकुमारी चंद्रकांता’ की भूमिका निभाई थी। आज भी यह शो दर्शकों के दिलों में छाया हुआ है और चंद्रकांता के रूप में शिखा स्वरूप को आज भी दर्शक याद करते हैं। शिखा अंतिम बार साल 2012 में आए धारावाहिक रामायण में कैकेयी की भूमिका निभाई थी। टेलीविजन के अलावा शिखा ने लगभग बॉलीवुड में 11 फिल्मों में भी काम किया है।

जीटीवी का शो ‘हम पांच’ आज के समय में भी न सिर्फ बच्चों बल्कि बुजुर्गों का भी पसंदीदा शो है। ये सीरियल भले ही अब न आता हो लेकिन इस सीरियल का हर किरदार दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और इन्हीं किरदारों में से एक है काजल भाई की किरदार जिसे भैरवी रायचूरा ने बहुत ही शिद्दत से निभाया था और अपना एक नया स्टाइल दिखाया था। इसके बाद भैरवी एक था राजा एक थी रानी और ससुराल गेंदा फूल जैसे सीरियल में काम किया। हम पांच में लड़कों का अंदाज अपनाने वाली भैरवी ने कलर्स के लोकप्रिय शो बालिका वधु में आनंदी की मां भागवती सिंह की भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें दर्शकों का खूब प्यार मिला। लेकिन एक लंबे समय से भैरवी छोटे परदे से दूर हैं।

पंजाबी पृष्ठभूमि पर आधारित कलर्स का हिट सीरियल बानी-इश्क दा कलमा में मुख्य भूमिका निभाकर शेफाली शर्मा टेलीविजन का जाना-माना चेहरा बन गई। उन्हें सोनी सब के शो ‘तुम ऐसे ही रहना’ में भी मुख्य कलाकार के तौर पर देखा गया। स्टार प्लस के शो दिया और बाती में भी शेफाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन साल 2016 में सीरियल ‘तेरे बिन’ के बाद से शेफाली शर्मा छोटे परदे से ओझल हो गईं।

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