किसान आंदोलन को दोबारा से खड़ा करने के लिए, किसानों ने रणनीति बनाई

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गाजियाबाद. कृषि मंत्री ने हाल में ही तीनों कानूनों को वापस न लेने की बात कही थी. इसके बाद किसानों ने दिल्‍ली बॉर्डर पर आंदोलन को दोबारा खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय किसान यूनियन ने सभी छोटे बड़े संगठनों से कहा है कि वे दिल्‍ली बॉर्डर पहुंचें. इसी के तहत यूपी बॉर्डर पर किसान जुटना शुरू हो गए हैं. 25 जून तक बॉर्डर पर भारी संख्‍या में किसानों के जुटने की संभावना है. 26 जून को किसान मार्च निकालेंगे, लेकिन दिल्‍ली सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे. इसे देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

किसान आंदोलन को दोबारा से खड़ा करने के लिए किसानों ने रणनीति बनाई है. बीकेयू ने गांवों से किसानों को यूपी बॉर्डर पर पहुंचने को कहा है. इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन 26 जून को दिल्‍ली बॉर्डर पर ट्रैक्टर मार्च निकालेगा. लेकिन मार्च दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगा. 24 जून से किसानों के ट्रैक्टर यूपी बार्डर पहुंचने शुरू हो जाएंगे. बीकेयू का कहना है कि यूपी गेट के अलावा अन्य मोर्चों पर भी किसान ट्रैक्टर के साथ पहुंचेंगे. पश्चिमी यूपी के तमाम जिलों से किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए यूपी गेट पहुंच रहे हैं. सहारनपुर से करीब 400 किसान ट्रैक्‍टरों के साथ बॉर्डर के लिए निकल चुके हैं. इस संबंध में एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेन्‍द्र सिंह ने कहा कि बॉर्डर पर किसानों की संख्‍या बढ़ने लगी है, इसी  को ध्‍यान में रखते हुए पुलिस की संख्‍या भी बढ़ाई जाएगी.

किसानों का कहना है कृषि कानून के विरोध में छह महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुन नहीं रही है. अब किसान तीन साल की तैयारी कर रहे हैं. तीन साल में किसान अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर देंगे. आगे की लड़ाई के लिए किसान तैयार है. जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे किसानों का आंदोलन जारी रहेगा.

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