केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आज का दिन बेहद खास है

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लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आज का दिन बेहद खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज सरकारी कर्मियों और रिटायर्ड लोगों के 18 माह से बंद महंगाई भत्ता व डीआर को लेकर अहम बैठक होगी। यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों की संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM), वित्त मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) के अधिकारियों के बीच होगी। उम्मीद की जा रही है कि बैठक के खत्म होने के साथ ही जुलाई में डीए और डीआर बढ़ने को लेकर केंद्र सरकार के 52 लाख कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स का इंतजार खत्म हो सकता है।

ये है बैठक का एजेंडा
इस बैठक का मुख्य एजेंडा केंद्रीय कर्मचारियों को डीए बकाए और पेंशनरों को डीआर का भुगतान करना है। मिंट के अनुसार, नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सेक्रेटरी करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से 7वें वेतन आयोग के डीए और डीआर पर चर्चा होगी। इस बैठक के बाद डीए के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर रोक
मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को रोक रखा है। सरकार ने जनवरी 2020 से महंगाई भत्ता रोक दिया था। जनवरी 2020 में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए चार फीसदी बढ़ा था। इसके बाद दूसरी छमाही (जून 2020) में इसमें तीन फीसदी का इजाफा हुआ। जनवरी 2021 में यह चार फीसदी बढ़ा था। इस तरह डीए 17 फीसदी से बढ़कर 28 फीसदी होने से कर्मचारियों को लाभ होगा। हालांकि सरकार ने पिछले साल जनवरी से ही इसमें रोक लगाई हुई है। सरकार ने जून 2021 तक डीए और डीआर फ्रीज कर रखा है।

डीए की तीन किस्तें लंबित
पहले यह बैठक आठ मई में होनी थी। लेकिन देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से इसे टाल दिया गया था। केंद्रीय कर्मचारियों की डीए की तीन किस्तें लंबित हैं। महामारी के कारण सरकार ने डीए फ्रीज कर रखा है। साथ ही पूर्व कर्मचारियों के डीआर की किस्तों का भुगतान भी नहीं हुआ है।

क्या है महंगाई भत्ता?
मालूम हो कि महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा है। यह कर्मचारी के मूल वेतन का एक निश्चित फीसदी होता है। देश में महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान करती है। इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है। रिटायर कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलता है।

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