टिकट कंफर्म कराने के बदले यात्रियों से पैसा वसूला

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रेन द्वारा यात्रा कर रहे यात्रियों की टिकट कंफर्म कराने के लिए सांसदों के लेटर पैड का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है. टिकट कंफर्म कराने के बदले यात्रियों से पैसा भी वसूला जाता था. उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने बताया गया कि पिछले कई दिनों से नॉर्दन रेलवे को सूचना प्राप्त हो रही थी कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा वीआईपी कोटे के तहत टिकट कंफर्म कराने का कार्य गैरकानूनी रूप से किया जा रहा है.

जिसमें वर्तमान के और पूर्व के सांसदों के जाली लेटर पैड का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है. जब यह सूचना उत्तर रेलवे को मिली तब विभाग सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल के विशेष संयुक्त दस्ते की टीम को गठित कर इसकी जांच शुरू की.

जांच में यह पाया गया कि बीते 17 जून को एनसीपी के राज्यसभा सांसद देवी प्रसाद त्रिपाठी (महाराष्ट्र) के लेटर पैड पर पुष्पक एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 02533) के स्लीपर क्लास में लखनऊ से मुंबई जाने के लिए वीआईपी कोटे से टिकट कंफर्म कराने के लिए आवेदन किया गया.

सांसद के लेटर पैड पर जारी किए गए मोबाइल नंबर पर जब रेलवे द्वारा संपर्क किया गया तो फोन नहीं उठा. इसी के चलते रेलवे की जांच टीम इस टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के पास जा पहुंची. ट्रेन में मौजूद यात्रियों के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आईआरसीटीसी एजेंट सैयद सलीम हुसैन को पकड़ा गया.

चेकिंग करने पर पता चला कि इस व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत एवं आईआरसीटीसी की आईडी पर भी टिकटों की बुकिंग का काम किया जाता है. जांच में पूर्व में बने 51 टिकट जिनकी कीमत 32,800 रुपये है, का भी ब्यौरा मिला.

पूछताछ के दौरान सैयद सलीम हुसैन ने बताया कि यात्रियों की जरूरत के अनुसार वह यात्रा की टिकट कंफर्म कराने के लिए अपने अन्य साथी पंकज सिंह कुशवाहा को दे देता था, जो कि इन टिकटों को वीआईपी कोटे के तहत कंफर्म कराने के लिए मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में देता था. इसके लिए वह प्रति यात्री 500 रुपए शुल्क भी वसूल करता.

सैयद हुसैन द्वारा दी गई जानकारी पर पंकज सिंह कुशवाहा को भी पकड़ा गया. उसके पास से अलग-अलग राजनेताओं के 13 लेटर पैड मिले हैं, जो कि एक ही हैंड राइटिंग में थे. पूछताछ करने पर पंकज ने बताया कि टिकट कंफर्म के लिए वह इन सभी लेटर पैड का इस्तेमाल करता था. ये सभी पैड नकली थे. वह लेटर पैड को भरवाने के लिए अपनी नाबालिग बेटी की मदद लेता था और बाद में उसे नॉर्दर्न रेलवे के ऑफिस में बने वीआईपी कोटे के ड्रॉप बॉक्स में डाल देता था.

रेलवे विभाग की स्क्वाड की टीम ने दोनों व्यक्तियों को कस्टडी में लेते हुए रेलवे एक्ट की धारा 143 और 143(b) के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया है.

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