भाभी ने देवर के साथ घर बसाने के ल‍िए रची थी लूट की फर्जी कहानी, पुलिस ने हर राज से उठाया पर्दा

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मुरादाबाद। महानगर का बहुचर्चित ध्रुव अपहरण कांड की यादों को मोतीबाग लूटकांड ने फिर ताजा कर दिया है। घटना का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बताया कि चचेरे देवर के प्यार में पागल तीन बच्चों की मां ने प्रेमी संग नई दुनिया बसाने की चाह में न सिर्फ लूट की फर्जी कहानी गढ़ी, बल्कि अपने ही पति को कानून के जाल में फंसाने का ताना-बाना भी बुना। महिला के मायाजाल को तोड़ते हुए पुलिस ने उसे प्रेमी संग जेल भेज दिया। कथित लूट की रकम और जेवर पुलिस ने बरामद कर लिया है। 

एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि नागफनी थाना क्षेत्र के मोती बाग निवासी मोहम्मद असलम ने 21 फरवरी को तहरीर दी। बताया कि 20 फरवरी की रात दस बजे घर में घुसे नकाबपोश चार बदमाशों ने पत्नी शबाना परवीन और दो बच्चों को बंधक बनाकर घर में लूटपाट की है। बदमाश 1,20,000 रुपये नकदी के अलावा सोने का दो टीका, एक पैंडिंल, एक गले का सेट, एक जोड़ी कुंडल, एक अंगूठी व एक जोड़ी पायल लूट ले गए। प्रकरण में अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज करते हुए पुल घटना के पर्दाफाश में जुटी।

 पड़ोसी ने खोली महिला के नाजायज संबंध की पोल: चचेरे देवर संग शबाना परवीन के नाजायज रिश्ते की पोल पड़ोसी ने खोली। एसपी सिटी ने बताया कि वारदात प्रकाश में आने के बाद पूछताछ में शबान परवीन ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने मकान में रहने वाले पडोसी गुलजार के परिवार की तस्वीर मोबाइल फोन पर दिखाते हुए धमकी दी थी। तब पुलिस को समझते देर नहीं लगी कि लूटकांड की उलझी कड़ियों को जोड़ने में शबाना के पड़ोसी ही मददगार बनेंगे। वारदात के ठीक एक दिन पहले 19 फरवरी को सपरिवार दिल्ली शादी में शामिल होने गए गुलजार को पुलिस ने तलब किया। पूछताछ में गुलजार ने बताया कि 15 दिन पहले उनके परिवार के सदस्यों ने शबाना परवीन व उसके चचेरे देवर रिहान निवासी दौलतबाग गली नंबर दस नागफनी को आपत्तिजनक हाल में देखा। तभी दोनों को पता चल चुका था कि उनके नाजायज संबंध का भंडाफोड़ हो चुका है।

शबाना के एक्शन प्लान का रिहान ने किया पटाक्षेप: शबाना परवीन के नाजायज संबंध का पता लगते ही पुलिस ने रिहान को दबोचा। पहले से ही विवाहित रिहान ने भाभी के खेल का पटाक्षेप किया। बताया कि बीते दो वर्षों से शबाना परवीन से उसके नाजायज संबंध हैं। पड़ोसी द्वारा आपत्तिजनक हाल में पकड़े जाने के बाद दोनों को अहसास हो चुका था कि उनका खेल बहुत दिनों तक छिपने वाला नहीं है। ऐसे में शबाना परवीन ने फर्जी लूट की व्यूह रचना की। 

शातिर शबाना ने ऐसे बुना जाल : शातिर शबाना परवीन को अहसास था कि पति के महफूज रहते प्रेमी संग नया घर बसाने का उसका सपना साकार नहीं होगा। ऐसे में शबाना ने अपने पति और मुकदमा वादी मुहम्मद तस्लीम को ही लूट में फंसाने की योजना बनाई। शबाना ने आलमारी से जेवर निकाल कर पति के उस ठेले में छिपा दिया, जिस पर तस्लीम पूरी-छोले बेचता था। जबकि 50 हजार रुपये मकान की छत पर छज्जे में छिपाया। शबाना ने लूट होने की घटना तभी आम भी कि जब पड़ोसी एक दिन पहले दिल्ली जा चुके थे। शबाना को संदेह था कि पड़ोसियों की मौजूदगी में उसके खेल का तत्काल भंडाफोड़ हो जाएगा। इसलिए ही उनकी गैरमौजूदगी में शबाना ने लूट होने की अफवाह फैलाई। फिर भी पुलिस ने शबाना के मंसूबे पर पानी फेर दिया। 

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