राजधानी दिल्ली में में दो और तीन जुलाई को बारिश

0
70

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में में दो और तीन जुलाई को बारिश हो सकती है लेकिन मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले सात दिनों के लिए दिल्ली में दक्षिणपश्चिम मॉनसून के और बढ़ने के लिए कोई अनुकूल स्थितियां विकसित होने के आसार नहीं है.

मौसम विभाग ने कहा, “मौजूदा मौसमी परिस्थितियां, बड़े पैमाने की वायुमंडलीय विशेषताएं और अनुमानित हवा के क्रम दिखाते हैं कि राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के शेष हिस्सों तथा पंजाब में अगले छह-सात दिनों में दक्षिणपश्चिम म़ॉनसून के आगे बढ़ने के लिए कोई अनुकूल परिस्थितियां बनने के आसार नहीं है.”

राष्ट्रीय मौसम पूवार्नुमान केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (एनएलएम) की उत्तरी सीमा, हालांकि, राजस्थान के बाड़मेर, भीलवाड़ा और धौलपुर और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और मेरठ, साथ ही हरियाणा के अंबाला और पंजाब के अमृतसर में 26 डिग्री उत्तर और देशांतर 70 डिग्री पूर्व से गुजरती है.

मौसम कार्यालय ने उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश, इसके पड़ोस और पूर्वी राजस्थान पर औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की भी भविष्यवाणी की है. चक्रवात के पीछे का कारण समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ट्रफ रेखा का होना बताया गया है जो पूर्वी राजस्थान और इसके पड़ोस से लेकर पश्चिम असम तक चक्रवाती परिसंचरण से चल रही है.

उत्तरी छत्तीसगढ़ और आस-पड़ोस के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर बना हुआ है और समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर पड़ोस भी होने की संभावना है. इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पर भी चक्रवाती परिसंचरण का अनुमान समुद्र तल से 1.5 और 5.8 किमी के बीच पश्चिम की ओर ऊंचाई के साथ झुका हुआ है.

आईएमडी ने कहा कि उत्तर पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर समुद्र तल से 2.1 किमी तक का चक्रवाती परिसंचरण कम चिह्न्ति हो गया है. आईएमडी ने दक्षिण गुजरात क्षेत्र और पड़ोस में 2.1 किमी से 5.8 किमी के बीच के समान चक्रवाती परिसंचरण का उल्लेख किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here