हरियाणा विधानसभा में किसान आंदोलन की रणनीति अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद बदल जाएगी

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सोनीपत । कृषि कानून विरोधी आंदोलन की आगामी रणनीति बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक 11 मार्च को होगी। पहले यह बैठक मंगलवार को प्रस्तावित थी। मोर्चा के नेता सुरजीत सिंह फूल ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सांझा की। उन्हाेंने बताया कि हरियाणा सरकार के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के बाद मोर्चा आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेगा।

मोर्चा के नेता सुरजीत फूल ने ऑनलाइन आकर दी जानकारी

कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर साढ़े तीन माह से आंदोलनकारी जीटी रोड को जाम करके बैठे हैं। 22 जनवरी को मोर्चा के नेताओं और सरकार के बीच बातचीत हुई थी। सरकार कानूनों को लंबित रखने और इसमें संशोधन का प्रस्ताव दे चुकी है, लेकिन मोर्चा के नेता इसे पूरी तरह से रद कराने पर अड़े हैं। इसके कारण बातचीत को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मोर्चा के नेता सुरजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रसताव लाया गया है, जिस पर 10 मार्च को वोटिंग होगी।

सरकार पर बैठक के लिए बनाएंगे दबाव

हरियाणा की भाजपा सरकार ने आंदोलन स्थल पर दंगे कराने की कोशिश करने के अलावा कई तरह के हथकंडे अपनाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की है। इसलिए सरकार के खिलाफ वोटिंग के लिए विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। यदि इसमें हमें सफलता मिलती है तो यह मोर्चा की बड़ी जीत होगी और इससे केंद्र सरकार पर दबाव बनेगा और फिर इसी के अनुरूप आंदाेलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

आंदोलन को तेज करने पर निर्णय

इसलिए मोर्चा की बैठक 11 मार्च को रखी गई है। उन्होंने कहा कि बैठक में आंदोलन को तेज करने के लिए मानव शृंखला, कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे को स्थायी तौर पर जाम करने व संसद भवन कूच करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे सरकार के लिए समस्या खड़ी करेंगे, तभी सरकार उनके साथ बैठक करेगी। मोर्चा की बैठक में इन्हीं सब बातों पर विचार कर कोई एक्शन प्रोग्राम तय किया जाएगा।

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