1000 बुलेट चालकों पर वाराणसी जोन में 30 लाख रुपये का जुर्माना, मऊ सबसे ऊपर; जानें- अन्य जिलों का हाल

0
72

वाराणसी। राॅयल इनफील्ड बुलेट चलाने वाले कुछ युवाओं के एक अजीब शौक ने सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशान कर रखा है। दरअसल, माडिफाइड (बदलाव या सुधार) बुलेट एक नया चलन बन गया है। इसमें बाइक के साइलेंसर या एग्जास्ट सिस्टम की आवाज में ज्यादा थंडर (गड़गड़ाहट) लाने के लिए असली साइलेंसर को हटवाकर गनशाट साइलेंसर आदि लगवा लिया जाता है। बहुत तेज और तीखी आवाज करने के अलावा कुछ साइलेंसर में पटाखे जैसी आवाज भी निकलती है। हालांकि, शान की यह सवारी पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण जेब पर भारी पड़ रही है।

शहरचालान (रुपये)
मऊ20 लाख
भदोही50,000
जौनपुर13,500
आजमगढ़17,500
मीरजापुर10,000
बलिया 21,500
सोनभद्र10,000
गाजीपुर7500
चंदौली47,500

बीते कुछ महीनों में बनारस सहित पूरे पूर्वाचल में ऐसे बुलेट चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। वाराणसी में 23 जुलाई 2020 से 15 दिनों के लिए चलाए गए ऐसे ही एक अभियान में 446 बुलेट चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और 110 बुलेट सीज की गईं। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि नौ जनवरी से 15 दिनों के लिए बाइक का साइलेंसर बदलवाने वालों व कार में काली फिल्म लगाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। पहले दिन 827 वाहनों का चालान काटा गया, हालांकि माडिफाइड बुलेट एक भी नहीं मिली।

जिलाबाइक संख्या
मऊ200
आजमगढ़ 35
सोनभद्र17
गाजीपुर20
कुल 272

मऊ पुलिस ने सितंबर माह से अब तक 220 बुलेट के विरुद्ध 20 लाख का चालान काटा है। इनमें साइलेंसर बदलने वालों की संख्या 200 है। इनका 10 हजार रुपये का चालान कटा, ताकि ये लोग फिर ऐसा करने की सोचे भी नहीं। यातायात उपनिरीक्षक संतोष यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यदि बाइक चलाने वाले के पास ड्राइ¨वग लाइसेंस और कागजात भी नहीं मिलते तो पांच-पांच हजार रुपये अतिरिक्त का चालान काटा जाता है। जिले में यह अभियान निरंतर जारी है। वहीं, आजमगढ़ में साइलेंसर से छेड़छाड़ करने वाले 35 बुलेट चालकों का चालान काटा गया। कालीन नगरी भदोही में भी 500 बुलेट चालकों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि इसमें साइलेंसर से छेड़छाड़ करने का मामला एक भी नहीं है।

भदोही 500
मऊ 220
चंदौली 60
आजमगढ़  55
गाजीपुर 55
मीरजापुर 25
बलिया 16
जौनपुर 27
 सोनभद्र 17
 कुल  974 

क्या कहता है कानून : कार या बाइक में किसी भी तरह का माडिफिकेशन मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ऐसा करने पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद किया जा सकता है। 23 जुलाई से 15 दिनों के लिए बनारस में अभियान चलाकर 446 बुलेट चालकों पर कार्रवाई की गई और 110 बुलेट सीज की गईं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here