13 महीने से अधिक समय तक रहे सस्पेंड, नोएडा के SSP रहे IPS अधिकारी वैभव कृष्ण बहाल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुचर्चित गौतमबुद्धनगर (नोएडा) प्रकरण में निलंबित किए गए आइपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण को बहाल कर दिया है। गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण को गोपनीय पत्र लीक करने और महिला से चैट के आपत्तजिनक वीडियो के मामले में नौ जनवरी, 2020 को निलंबित कर दिया था और उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। बीते दिनों डीजीपी मुख्यालय ने वैभव कृष्ण के विरुद्ध की गई विभागीय जांच की रिपोर्ट गृह विभाग को भेज दी थी। 13 माह से अधिक के निलंबन के बाद 2010 बैच के आइपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण को बहाल किए जाने का निर्णय किया गया।

आइपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण ने शासन को एक गोपनीय पत्र लिखा था, जिसमें पांच आइपीएस अधिकारियों डॉ. अजय पाल शर्मा, सुधीर कुमार सिंह, हिमांशु कुमार, गणेश प्रसाद साहा व राजीव नारायण मिश्रा पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए गए थे। इनमें से डॉ. अजयपाल शर्मा व हिमांशु कुमार के विरुद्ध अभी विजिलेंस जांच चल रही है। इसी बीच वैभव कृष्ण का एक महिला से चैट का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे थे। वैभव कृष्ण ने वायरल वीडियो को फर्जी होने का दावा किया था और नोएडा में एफआइआर भी दर्ज कराई थी।

एक जनवरी, 2020 को तत्कालीन एसएसपी गौतमबुद्धनगर वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता में वायरल वीडियो को फर्जी बताते हुए उनके खिलाफ गहरी साजिश की बात कही थी। उन्होंने नोएडा में एफआइआर भी दर्ज कराई थी।शासन को लिखे अपने गोपनीय पत्र भी लीक कर दिए थे, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता चला गया था।

वायरल वीडियो से छेड़छाड़ के दावे पर उसे जांच के लिए गुजरात स्थित फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा गया था। एफएसएल रिपोर्ट में साफ हो गया कि वायरल वीडियो व चैट सही है। वीडियो में एडिटिंग अथवा अन्य कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। महिला से चैट के वायरल वीडियो में वैभव कृष्ण आपत्तिजनक स्थिति में भी नजर आए थे। शासन ने अधिकारी आचरण नियमावली के उल्लंघन में वैभव कृष्ण को निलंबित करने का निर्णय लिया थी। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे।

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