IPL 2021 के बचे हुए मैचों की तारीखों के ऐलान से पहले BCCI के सामने होंगी ये चार बड़ी चुनौतियां

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नई दिल्ली। कोरोना के कारण आइपीएल का 14वां सत्र बीच में ही स्थगित करना पड़ा था। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) इसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सितंबर-अक्टूबर में आयोजित कराने की योजना बना रहा है। हालांकि कुछ ऐसे चीजें हैं जिससे पार पाना बीसीसीआइ के लिए आसान नहीं होगा। शनिवार को बोर्ड की स्पेशल जेनरल मीटिंग होनी है जिसमें टूर्नामेंट के बचे मैच कराए जाने पर अहम फैसला लिया जाना है।

पुरुषों का टी-20 विश्व कप :

16 टीमों का यह टूर्नामेंट भारत में अक्टूबर के मध्य से 14 नवंबर तक प्रस्तावित है। हालांकि भारत में कोरोना की स्थिति नहीं है और इसके भी बीसीसीआइ की मेजबानी में यूएई में ही आयोजित होने की संभावना है। इससे बीसीसीआइ को यह फायदा होगा कि उसे एक ही जगह खिलाड़ी मिल जाएंगे और एक बायो बबल (खिलाडि़यों के लिए बनाए गए विशेष माहौल) से दूसरे बायो बबल में शिफ्ट हो जाएंगे।

सीपीएल से टकराव :

कैरेबियन प्रीमियर लीग के आयोजकों ने 20 मई को एलान किया था कि आगामी सत्र 28 अगस्त से 19 तक चलेगा। वेस्टइंडीज में कीरोन पोलार्ड (मुंबई इंडियंस), आंद्रे रसेल, सुनील नरेन (कोलकाता नाइटराइडर्स), क्रिस गेल, निकोलस पूरन (पंजाब किंग्स), डवेन ब्रावो (चेन्नई सुपरकिंग्स), शिमरोन हेटमायर (दिल्ली कैपिटल्स) आइपीएल में खेलते हैं।

इसके अलावा सीपीएल में बड़े विदेशी खिलाड़ियों को लेकर भी दुविधा है क्योंकि इसमें फाफ डुप्लेसिस, इमरान ताहिर (सुपर किंग्स) और क्रिस मौरिस (बारबाडोस) शामिल हैं। हालांकि सीपीएल के लिए भी परेशानी बढ़ेगी कि वह कैसे टूर्नामेंट को आइपीएल से पहले खत्म करता है और खिलाड़ियों को सीधे चार्टर्ड फ्लाइट से यूएई भेजेता है जिससे खिलाड़ी सभी मैच खेल पाएं।

इसके अलावा लीग को पूरा करने के लिए सीपीएल को पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए यात्रा कार्यक्रम को संभावित रूप से बदलने के लिए क्रिकेट वेस्टइंडीज की आवश्यकता होगी। पाकिस्तान का वेस्टइंडीज दौरा 28 जुलाई से शुरू होगा जिसमें टीम को पांच टी-20 और दो टेस्ट मैच होंगे। इसके चार दिन बाद वेस्टइंडीज की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज खेलेगी।

इंग्लैंड खिलाड़ियों की उपलब्धता मुश्किल

इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन (कोलकाता नाइटराइडर्स), जोस बटलर, बेन स्टोक्स, जोफ्रा आर्चर (राजस्थान रॉयल्स), जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय (सनराइजर्स हैदराबाद), सैम कुर्रन, मोइन अली (चेन्नई सुपरकिंग्स), क्रिस वोक्स और टॉम कुर्रन (दिल्ली कैपिटल्स) आइपीएल की टीमों के शीर्ष खिलाड़ी हैं। इसमें से कई खिलाड़ी आइपीएल के बचे हुए सत्र में नहीं खेल पाएंगे क्योंकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के निदेशक एश्ले जाइल्स ने कड़े शब्दों में कह दिया है कि देश के लिए क्रिकेट से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इंग्लैंड को भारत के साथ टेस्ट सीरीज के बाद बांग्लादेश में खेलना है और फिर दो वनडे पाकिस्तान के खिलाफ खेलने हैं। दोनों सीरीज सितंबर के आखिर और अक्टूबर के मध्य में कराने की योजना है। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड भी सितंबर-अक्टूबर में पाकिस्तान के खिलाफ सीमित प्रारूपों की सीरीज खेलने की योजना बना रहा है जबकि अफगानिस्तान सीमित प्रारूपों की सीरीज के लिए यूएई में सितंबर में पाकिस्तान की मेजबानी करेगा।

एक बबल से दूसरे बबल जाना :

2020 में खिलाड़ी सीपीएल और इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया सीरीज से सीधा आइपीएल के बबल में आए थे। ये सभी खिलाड़ी चार्टर्ड फ्लाइट से आए थे। बीसीसीआइ के लिए यूएई में टीम को इकट्ठा करना और वहां की सरकार के नियमों के तहत क्वारंटाइन करना भी एक चुनौती होगी। खिलाड़ियों को एक बायो बबल से दूसरे में जाने में भी काफी मानसिक परेशानियां होती हैं। कई खिलाड़ी इस कारण भी नाम वापस ले सकते हैं।

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