तांत्र‍िक ने दी थी मूर्ति; बेचने के ल‍िए आए थे लखनऊ, 700 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्ति संग सात गिरफ्तार

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लखनऊ । 700 साल पुरानी जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथ की अष्टधातु की मूर्ति के साथ सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। मूर्ति की कीमत करीब एक करोड़ से अधिक की बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के पास न तो मूर्ति रखने, न ही बिक्री करने अथवा कहां से मिली है इसके कोई प्रपत्र नहीं मिले हैं।पकड़े गए बदमाश पूर्व में भी अपराधिक घटनाएं कर चुके हैं। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। एडीसीपी सेंट्रल चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि आरोपितों में सुनील कटियार उर्फ बब्बी निवासी भनपुर कन्नौज है और कानपुर के चकरपुर सजेती में रह रहा था।

इसके अलावा राजू सिंह निवासी हमीरपुर ललपुरा बजैहटा, राज कुमार निषाद निवासी हमीरपुर मौदहा, शिव कुमार खगार, महोबा कबरई, सलमान शाह निवासी हमीरपुर सुमेरपुर, विनोद कुमार गुप्ता निवासी अंबेडकर नगर कबरई महोबा और मो. अफजल है। एडीसीपी ने बताया कि यह मूर्ति पुरातात्विक है। इसे सिर्फ संग्रहालय और मंदिर में रखने की अनुमति है। इनके रखने, बिक्री करने अथवा एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने तक कागज भी होते हैं। पकड़े गए आरोपितों के पास से कोई कागज नहीं बरामद हुए हैं। इस लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में फरार आरोपित आकाश उर्फ सागर कटियार और एक तांत्रिक की तलाश की जा रही है। उनके मिलने के बाद ही गिरोह से जुड़े लोगों की कडिय़ां खुलेंगी। मूर्ति का वजन दो किलो 934 ग्र्राम है।

एक तांत्रिक से मिली थी मूर्ति

इंस्पेक्टर सरोजनीनगर महेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों में सुनील कटियार को कुछ माह पहले एक तांत्रिक ने अपने किसी मित्र के माध्यम से मूर्ति दी थी। मूर्ति सबसे पहले तांत्रिक के पास आई थी। तांत्रिक मूल रूप से महोबा का रहने वाला है वह कानपुर में किराए पर रहता है। तांत्रिक के मित्र ने सुनील को मूर्ति बेचने के लिए दी थी। सुनील ने अपने साथियों के साथ कई व्यापारियों से संपर्क किया। उन व्यापारियों से मिलने के लिए यह लोग नादरगंज आए थे। मुखबिर की सूचना पर नादरगंज नहर पुलिया के पास से ही तस्करों को पुलिस टीम ने सोमवार तड़के दबोच लिया। फरार तांत्रिक और आकाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपित राजू सिंह, सलमान शाह समेत कई अन्य के खिलाफ लूट, आम्र्स एक्ट, गुंडा एक्ट समेत अन्य अपराधिक मुकदमे हैं और यह हिस्ट्रीशीटर भी है। 

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