विद्युत वितरण खंड प्रथम में बैठे हैं धृतराष्ट्र

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  • कनेक्शन और बिल हो गया चालू 2 वर्ष बाद हुआ लाइन ऑर्डर
  • अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत हुई चरितार्थ

अनिल श्रीवास्तव/रवि कश्यप

फतेहपुर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के इमानदार एम.डी बनारस सरोज कुमार ने पूरे जोन के अधिशासी अभियंताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपनी कार्यशैली पर सुधार ले आए जिससे विभाग की छवि आम जनमानस में बेहतर नजर आने लगे। एम.डी बनारस की नसीहत का असर भले ही पूरे जोन मैं पड़ता नजर आ रहा हो किंतु इस जनपद के विद्युत वितरण खंड में उनकी नसीहत का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
विद्युत वितरण खंड प्रथम में अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। हैरतअंगेज कारनामों से भरपूर विद्युत वितरण खंड प्रथम का आलम यह है कि भिटौरा विकासखंड के एक गांव निवासी किसान ने सन 2018 में निजी नलकूप के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और विभाग ने किसान के आवेदन को स्वीकार करते हुए उसको नलकूप चलाने के लिए कनेक्शन देते हुए अनुमति प्रदान कर दी थी । किसान को विभाग ने ऊर्जा करण की अनुमति प्रदान करने के बाद उसी सन में लाइन शो करते हुए बिलिंग चालू कर दी थी। इतना ही नहीं किसान के निजी नलकूप का विभाग ने लगभग ₹55000 का बिल भेज कर निर्धारित समय सीमा के अंदर जमा करने की चेतावनी दी थी। हैरत की बात तो यह है कि किसान का नलकूप ऊजीकृत होने के बाद विभाग ने उसको दिसंबर 2020 में लाइन आर्डर कर दिया। बाबू नहीं किसान खुद अपनी फाइल लेकर अधिशासी अभियंता के सामने उपस्थित होकर लाइन आर्डर में आदेश करा कर बाबू को दे दिया। सीट पर बैठे बाबू ने किसान से काम के बदले दाम देने को कहा तो किसान ने बाबू को जवाब देते हुए कहा कि आर्डर वह स्वयं जाकर करा कर दिया है तो रिश्वत किस बात की। किसान की बात सुनकर बाबू ने रजिस्टर में चढ़ाने के बहाने लाइन आर्डर ले लिया तथा उसके चार टुकड़े करके खिड़की के बाहर फेंक दिया। लोमड़ी से भी चालाक किसान बाबू की पूरी हरकतें देखता रहा किंतु अपनी जुबान से एक भी शब्द नहीं निकाला और बाबू के कमरे से बाहर निकल कर उस खिड़की के पास पहुंच गया जहां पर बाबू ने उसके लायन आर्डर को फाड़ कर फेंक दिया था। किसान लाइन आर्डर के फटे हुए चारों टुकड़ों को जमीन से उठाकर घर ले गया तथा उन टुकड़ों को जोड़कर एक सादे कागज के ऊपर रखकर चिपका लिया। आश्चर्य की बात तो यह है कि 2018 में किसान का कनेक्शन हो गया तथा लाइन भी विभाग ने शो करते हुए उसके नलकूप की उसी सन से बिलिंग चालू कर दी फिर दिसंबर 2020 में लायन आर्डर किस आदेश के तहत हो गया यह बात विभाग के कर्मचारियों के गले के नीचे नहीं उतर रही है।

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